Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
हाथीपांव (Elephantiasis) का उपचार कà¥à¤¯à¤¾ है?
परजीवी filarial कीड़े के कारण, यह बीमारी à¤à¤• बहà¥à¤¤ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है और मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ की सहायता से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में फैल सकता है। इस बीमारी को आमतौर पर मोटा तà¥à¤µà¤šà¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया जाता है और लिमà¥à¤« नोडà¥à¤¸ और लिमà¥à¤« वाहिकाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले शरीर के अंगों को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाता है। मरीज का पैर à¤à¤• हाथी की तरह सूजन हो सकता है। इसलिà¤, रोग का नाम। यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में असामानà¥à¤¯ है, यह अफà¥à¤°à¥€à¤•ा और à¤à¤¾à¤°à¤¤, बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶, शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का आदि सहित अनà¥à¤¯ सामयिक देशों जैसे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• है।
हाथी के रोगों के सूजन शरीर के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की सूजन है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ पैरों, जननांगों, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚, बाहों और cetera में कठोर, कठिन और à¤à¤¾à¤°à¥€ हो जाता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार, ठंड, पसीना, सिर दरà¥à¤¦, शरीर में दरà¥à¤¦, हडà¥à¤¡à¥€ और जोड़ों में दरà¥à¤¦, उलà¥à¤Ÿà¥€, फोड़े, तà¥à¤µà¤šà¤¾ के अलà¥à¤¸à¤°, थकावट, और बीमार सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की सामानà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ शामिल है।
लिमà¥à¤«à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• filariasis के लिठउपचार सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के à¤à¥Œà¤—ोलिक सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर निरà¥à¤à¤° करता है। कà¥à¤² मिलाकर, इस बीमारी के उपचार में दो मà¥à¤–à¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° शामिल हैं- सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ फिलायलियल संकà¥à¤°à¤®à¤£ और लिमà¥à¤«à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• सूजन का उपचार। फिलीरियल संकà¥à¤°à¤®à¤£ दवाइयों, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ के उपयोग से बंद किया जा सकता है। अतिरिकà¥à¤¤ उपचार, यानी, सूजन का इलाज करने के लिठसरà¥à¤œà¤¿à¤•ल परिचालन की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है इलाज हमेशा सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कराना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के अगर सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ नहीं किया गया तो इसमें मरीज़ को और ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानियों का सामना करना पॠसकता है इलाज के लिठसबसे पहला तरीका है सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ और सही दवा सही वक़à¥à¤¤ पर लेना बहà¥à¤¤ ज़रूरी है।
हाथीपांव (Elephantiasis) का इलाज कैसे किया जाता है?
उपचार से पहले, इस बीमारी का निदान करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में गोलाकारों की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की जांच करने के लिठचिकितà¥à¤¸à¤• आमतौर पर चिकितà¥à¤¸à¤¾ परीकà¥à¤·à¤£ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है। ये परीकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर रात में किठजाते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तब ये कीड़े सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होते हैं। निदान के बाद, डॉकà¥à¤Ÿà¤° फिलीरिस मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज करने के लिठदवाà¤à¤‚, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ लिखते हैं। दवाओं में à¤à¤‚टीपारासिटिक दवाà¤à¤‚ शामिल हैं, जैसे डायथिलकारबामेज़िन (डीईसी), मेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤¨, और अलà¥à¤¬à¥‡à¤¨à¥à¤¡à¤¾à¤œà¤¼à¥‹à¤² (अलà¥à¤¬à¥‡à¤¨à¥à¤œà¤¼à¤¾)। कà¤à¥€-कà¤à¥€, डीईसी को इवरमेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ नामक दवा के साथ संयोजन में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है और दीरà¥à¤˜à¤•ालिक आधार पर उपयोग किठजाने पर सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® परिणाम देता है। इन दवाओं को सालाना आधार पर लिया जाता है। चरम मामलों में, सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल परिचालन किया जा सकता है। ये परिचालन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठपà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ सरà¥à¤œà¤°à¥€ हैं। गंà¤à¥€à¤° मामलों में, लिमà¥à¤«à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• ऊतकों को हटा दिया जाता है। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखा जाना चाहिठकि सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ परजीवी के सफल उपचार से लकà¥à¤·à¤£ कम हो जाà¤à¤‚गे लेकिन सूजन आजीवन बनी रहेगी।
इसके अलावा, इस परजीवी बीमारी के लिठनियमित उपचार और देखà¤à¤¾à¤² में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को साफ करने, डॉकà¥à¤Ÿà¤° के दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ और संकेतों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, दैनिक आधार पर सूजन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को धोने और सूखने, पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को ऊपर रखने के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ बनाठरखना शामिल है।
| --------------------------- | --------------------------- |